रांची: अरविन्द श्रीवास्तव | झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और धांधली के आरोपों को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहा यह आंदोलन रविवार को 16वें दिन में पहुंच गया। बड़ी संख्या में छात्र धरना और अनशन पर बैठे हैं।
आंदोलनकारी छात्रों की प्रमुख मांगों में विवादित परीक्षाओं को रद्द करना, परीक्षा प्रक्रिया में सुधार और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच शामिल है। छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, आंदोलन जारी रहेगा।

सरकार और छात्रों के बीच बातचीत
आंदोलन के बीच सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच बातचीत के कई दौर हुए हैं। बातचीत के बाद छात्र नेताओं की ओर से दावा किया गया है कि सरकार उनकी कई मांगों को मानने के लिए तैयार है। इनमें कुछ विवादित परीक्षाओं को रद्द करने और परीक्षा व्यवस्था में सुधार जैसे मुद्दे शामिल बताए जा रहे हैं।
हालांकि, CBI जांच की मांग को लेकर अब भी गतिरोध बना हुआ है। छात्र इस मामले की जांच केंद्रीय जांच एजेंसी से कराने की मांग पर कायम हैं।

तीन परीक्षाओं को लेकर सामने आया दावा
बातचीत के बाद सामने आई जानकारी के अनुसार तीन परीक्षाओं को रद्द किए जाने के संकेत मिले हैं। इनमें JPSC बैकलॉग 2023, JPSC बैकलॉग 2025 और 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा का नाम सामने आया है।
हालांकि, इन परीक्षाओं को रद्द किए जाने के संबंध में अंतिम आधिकारिक निर्णय की स्थिति स्पष्ट होना अभी बाकी है। इसलिए छात्रों और सरकार के बीच बातचीत के अंतिम नतीजे पर सभी की नजर बनी हुई है।

आदिवासी बचाव युवा मोर्चा ने दिया समर्थन
छात्र आंदोलन को आदिवासी बचाव युवा मोर्चा का भी समर्थन मिला है। मोर्चा के सदस्य पारंपरिक झारखंडी परिधान में प्रदर्शन स्थल पहुंचे और छात्रों की मांगों के समर्थन में अपनी आवाज उठाई।
मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल तिर्की ने कहा कि मांगें पूरी होने तक उनका संगठन छात्रों के साथ खड़ा रहेगा।
प्रदर्शन स्थल पर आंदोलनकारी छात्रों के लिए समर्थकों की ओर से भोजन और नाश्ते की व्यवस्था भी की जा रही है।

अनशन कर रहे छात्रों की मेडिकल जांच
जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अनशन पर बैठे छात्रों के स्वास्थ्य की जांच के लिए मेडिकल टीम भी पहुंची। कई दिनों से अनशन कर रहे छात्रों के स्वास्थ्य को लेकर भी चिंता जताई जा रही है।
आंदोलन के दौरान छात्रों की ओर से शांतिपूर्ण प्रदर्शन जारी रखने की बात कही गई है।

राज्यपाल ने की बातचीत से समाधान की अपील
छात्र आंदोलन को लेकर झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पहले ही आंदोलन और छात्रों की समस्याओं को लेकर कई बातें स्पष्ट कर चुके हैं।
राज्यपाल ने छात्रों से सरकार की बात पर भरोसा करने और बातचीत के जरिए समस्या का समाधान निकालने की अपील की। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होना चाहिए और समस्या का समाधान संवाद के माध्यम से किया जाना चाहिए।

10 अगस्त को विधानसभा घेराव की तैयारी
सरकार के साथ बातचीत के बावजूद छात्रों ने 10 अगस्त को विधानसभा घेराव का कार्यक्रम घोषित किया है। आंदोलन से जुड़े लोगों के मुताबिक झारखंड के अलग-अलग हिस्सों से छात्र रांची पहुंच रहे हैं।
छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों, खासकर CBI जांच, पर स्पष्ट और ठोस निर्णय नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

अब 10 अगस्त का दिन आंदोलन के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच बातचीत से क्या कोई अंतिम समाधान निकलता है या विधानसभा घेराव के साथ आंदोलन और तेज होता है—इस पर सभी की नजर बनी हुई है।
इस खबर में परीक्षा रद्द करने और सरकार की सहमति से संबंधित बातें उपलब्ध रिपोर्टों एवं छात्र प्रतिनिधियों की ओर से सामने आए दावों पर आधारित हैं। अंतिम सरकारी आदेश जारी होने पर स्थिति में बदलाव संभव है।











