हाथरस/सादाबाद | अरविन्द श्रीवास्तव | उत्तर प्रदेश की सियासत में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक हलचल तेज होती दिखाई दे रही है। हाथरस के सादाबाद में बहुजन समाज पार्टी के चुनावी मंच से पार्टी के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर आकाश आनंद ने भाजपा के साथ-साथ कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर भी तीखे हमले किए।

आकाश आनंद का अंदाज इस बार कुछ अलग नजर आया। मंच से उन्होंने भाजपा सरकार की नीतियों और कामकाज पर सवाल उठाते हुए कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने जनता के पैसों के इस्तेमाल को लेकर सरकार को घेरा और सवाल किया कि जनता के करीब 7 हजार करोड़ रुपये पानी की तरह बहाकर क्या सरकार अपनी कमियों को छिपाने की कोशिश कर रही है?
‘बुलडोजर सरकार’ पर भी साधा निशाना
आकाश आनंद ने उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था और पुलिस व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने सरकार को ‘बुलडोजर सरकार’ बताते हुए पुलिस व्यवस्था पर भी तीखी टिप्पणी की।
उनके इस बयान के बाद सियासी मंच पर मौजूद समर्थकों में भी उत्साह देखने को मिला।

राहुल गांधी और अखिलेश यादव को कहा ‘अंकल’
आकाश आनंद ने केवल भाजपा को ही निशाने पर नहीं लिया। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव का भी जिक्र किया।
दोनों नेताओं को उन्होंने ‘अंकल’ कहकर संबोधित किया। हालांकि संबोधन का अंदाज सम्मानजनक रहा, लेकिन राजनीतिक संदेश साफ था—बसपा 2027 के चुनावी मैदान में भाजपा के साथ-साथ विपक्षी दलों को भी अपनी चुनौती के दायरे में रख रही है।

2027 के लिए BSP ने शुरू किया सियासी संदेश?
दरअसल, उत्तर प्रदेश में 2027 का विधानसभा चुनाव अभी दूर है, लेकिन राजनीतिक दलों ने अपनी जमीन मजबूत करने की कवायद शुरू कर दी है। ऐसे में सादाबाद के मंच से आकाश आनंद का यह आक्रामक तेवर बसपा की चुनावी रणनीति का संकेत माना जा रहा है।
करीब एक दशक बाद बसपा के मंच से भाजपा सरकार के खिलाफ जिस तरह खुलकर और आक्रामक अंदाज में राजनीतिक बातें सामने आईं, उसने यूपी की सियासत में चर्चा जरूर छेड़ दी है।

अब सवाल यही है—क्या 2027 में बसपा अपनी पुरानी राजनीतिक जमीन वापस पाने के लिए नई रणनीति के साथ मैदान में उतर रही है?
सादाबाद के मंच से आकाश आनंद के तेवरों ने इस सवाल को और ज्यादा मजबूत कर दिया है।
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