नई दिल्ली। अरविन्द श्रीवास्तव । राजधानी दिल्ली में लगातार हो रही बारिश के बीच रविवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया। दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन, मोती बाग इलाके में एक बहुमंजिला इमारत अचानक भरभराकर ढह गई। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका जताई गई।

जानकारी के मुताबिक, हादसा दोपहर करीब 1:30 बजे हुआ। सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं और बड़े पैमाने पर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया। दमकल की कई गाड़ियां और बचाव दल लगातार मलबा हटाकर अंदर फंसे लोगों को तलाशने में जुटे हैं।

बताया जा रहा है कि जिस इमारत में हादसा हुआ, उसका इस्तेमाल PG/हॉस्टल के रूप में किया जा रहा था और वहां बड़ी संख्या में छात्र रहते थे। इसी वजह से मलबे में छात्रों के दबे होने की आशंका ने चिंता बढ़ा दी है। कुछ रिपोर्टों के मुताबिक, मलबे के अंदर फंसे लोगों से संपर्क की कोशिश भी की जा रही है।

अब तक कम-से-कम 6 लोगों को मलबे से बाहर निकाला जा चुका है, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है। वहीं इस हादसे में एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि भी हुई है। रेस्क्यू ऑपरेशन अभी भी जारी है और प्रशासन की प्राथमिकता मलबे में फंसे बाकी लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है।
हादसे के बाद दिल्ली सरकार और प्रशासन ने घटना का संज्ञान लिया है। हादसे की वजहों की जांच की जा रही है। शुरुआती रिपोर्टों में इमारत के बेसमेंट में चल रहे काम को भी संभावित कारण के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि दुर्घटना की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
फिलहाल मौके पर राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है। प्रशासन की कोशिश है कि मलबे में अगर कोई और व्यक्ति फंसा है तो उसे जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।











