October 28, 2026 2:17 am

फ्रांस में छात्र आंदोलन तेज, सैकड़ों हाई स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित

पेरिस। अरविन्द श्रीवास्तव । फ्रांस में हाई स्कूल छात्रों का आंदोलन तीसरे सप्ताह में प्रवेश कर गया है और अब इसका असर देशभर की शिक्षा व्यवस्था पर दिखाई दे रहा है। शिक्षा मंत्री Édouard Geffray के मुताबिक, सोमवार 5 अक्टूबर को देश के करीब 400 से 500 हाई स्कूलों में कक्षाएं पूरी या आंशिक रूप से निलंबित रहने की संभावना थी। अधिकारियों ने इसका प्रमुख कारण स्कूलों में सुरक्षा की स्थिति को बताया है।

किन मुद्दों को लेकर प्रदर्शन?

छात्रों की प्रमुख शिकायतों में शिक्षकों की कमी, कक्षाओं में बढ़ती भीड़, स्कूल भवनों और बुनियादी सुविधाओं की खराब स्थिति तथा लंबे स्कूल समय जैसे मुद्दे शामिल हैं। कुछ छात्र स्कूलों में मोबाइल फोन पर लगी पाबंदी और विश्वविद्यालय प्रवेश से जुड़ी व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठा रहे हैं।

रिपोर्टों के अनुसार आंदोलन की शुरुआत सितंबर में पेरिस क्षेत्र के एक हाई स्कूल से हुई थी। इसके बाद प्रदर्शन धीरे-धीरे दूसरे शहरों तक फैल गया और स्कूलों की नाकेबंदी तथा सड़क प्रदर्शनों का रूप ले लिया।

कई स्कूलों में तोड़फोड़ और हिंसा

आंदोलन के दौरान कुछ जगह स्थिति तनावपूर्ण भी हुई। फ्रांस के शिक्षा मंत्री के अनुसार, विरोध प्रदर्शनों की शुरुआत के बाद 24 स्कूलों में आगजनी या तोड़फोड़ की घटनाएं हुई हैं और 78 शिक्षा कर्मी घायल हुए हैं। गृह मंत्रालय के अनुसार पिछले सप्ताह में करीब 5,000 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

पेरिस, लील, टूलूज़ और दूसरे शहरों में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पों की भी खबरें आई हैं। पुलिस कार्रवाई को लेकर मानवाधिकार संगठनों और कुछ विपक्षी समूहों ने सवाल उठाए हैं, जबकि सरकार का कहना है कि हिंसा और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान स्वीकार नहीं किया जा सकता।

15 वर्षीय छात्र गंभीर रूप से घायल

5 अक्टूबर की Reuters रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तरी फ्रांस के Lens में एक 15 वर्षीय छात्र पुलिस की स्टन ग्रेनेड से जुड़ी घटना में अपना हाथ और बांह का एक हिस्सा गंवा बैठा। घटना की परिस्थितियों को लेकर रिपोर्ट में बताया गया है कि छात्र ने पुलिस के इस्तेमाल किए गए उपकरण को उठाया था। यह मामला अब प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई और सुरक्षा को लेकर बहस का एक अहम हिस्सा बन गया है।

मंगलवार को फिर राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन की तैयारी

छात्र संगठनों ने मंगलवार को एक और बड़े राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन का आह्वान किया है। शिक्षक संगठनों ने भी छात्रों के आंदोलन के समर्थन की घोषणा की है। शिक्षक यूनियनों का कहना है कि छात्रों की कई मांगें उन समस्याओं से जुड़ी हैं, जिन्हें लेकर शिक्षक संगठन लंबे समय से संसाधनों और स्टाफ की कमी का मुद्दा उठा रहे हैं।

सरकार की ओर से स्कूलों में धीरे-धीरे सामान्य पढ़ाई बहाल करने की बात कही गई है। हालांकि, प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उन्हें अभी तक उनकी मांगों पर पर्याप्त ठोस कदम दिखाई नहीं दिए हैं।

सरकार के सामने दोहरी चुनौती

फ्रांस की सरकार के सामने अब एक तरफ स्कूलों में सुरक्षा और सामान्य शैक्षणिक गतिविधियों को बहाल करने की चुनौती है, तो दूसरी तरफ छात्रों और शिक्षकों की ओर से उठाई जा रही शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी शिकायतों का समाधान करने का दबाव है।

फिलहाल मंगलवार के प्रस्तावित प्रदर्शन पर सबकी नजर है। यदि आंदोलन और फैलता है तो स्कूलों की पढ़ाई के साथ-साथ देश की कानून-व्यवस्था पर भी इसका असर पड़ सकता है।

अक्षर भारत लाइव के लिए अंतरराष्ट्रीय डेस्क की रिपोर्ट।

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