October 28, 2026 2:18 am

दरभंगा: बेंच-डेस्क से छत को सहारा!

दरभंगा। अरविन्द श्रीवास्तव । बिहार के दरभंगा से सरकारी स्कूल की ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसे देखकर बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता होना स्वाभाविक है। अलीनगर प्रखंड के किरतपुर प्राथमिक विद्यालय में एक पिलर गिरने के बाद छत के एक हिस्से को बेंच-डेस्क और ईंटों के सहारे टिकाया गया है।

इस स्कूल में करीब 191 बच्चे नामांकित हैं। रिपोर्टों के मुताबिक स्कूल भवन काफी जर्जर हालत में है। बारिश के दौरान छत से पानी टपकता है, कई जगहों पर प्लास्टर टूट चुका है और बीम तथा पिलरों की हालत खराब है। कुछ हिस्सों में सरिया भी बाहर निकल आई है।

सबसे बड़ा सवाल उस समय खड़ा हुआ जब भवन का एक पिलर गिर गया। नए पिलर के निर्माण के बजाय फिलहाल बेंच, डेस्क और ईंटों से छत को सहारा दिया गया। हालांकि इस हिस्से के नीचे नियमित कक्षा नहीं चलाने की बात सामने आई है, लेकिन बच्चों और शिक्षकों की आवाजाही होती है, जिससे सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।

स्कूल में कमरों की कमी भी बड़ी समस्या है। कक्षा एक से पांच तक की पढ़ाई के लिए महज दो कमरे हैं। एक कमरे में कार्यालय चलता है, जबकि दूसरे कमरे में कई कक्षाओं को एक साथ पढ़ाने की स्थिति बताई गई है। जगह की कमी के कारण कुछ कक्षाएं बरामदे या खुले स्थान पर भी संचालित होती हैं।

शिक्षकों और ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल भवन की खराब हालत की जानकारी अधिकारियों को कई बार दी गई है। ग्रामीणों की ओर से विरोध और नए भवन की मांग भी की गई है।

हालांकि प्रशासन की ओर से बताया गया है कि मौजूदा भवन को असुरक्षित घोषित किया जा चुका है और नए भवन के निर्माण की प्रक्रिया शुरू की गई है। छह कमरों वाले नए स्कूल भवन का प्रस्ताव तैयार होने की जानकारी भी सामने आई है।

लेकिन सवाल यही है—बच्चों की सुरक्षा के लिए नया भवन बनने तक इंतजार क्यों? सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को सुरक्षित छत और सुरक्षित कक्षा मिलना उनकी बुनियादी जरूरत है, किसी हादसे के बाद होने वाली कार्रवाई का इंतजार नहीं।

अक्षर भारत का सवाल: क्या व्यवस्था किसी बड़े हादसे के बाद जागेगी, या उससे पहले ही इन बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी?

Leave a Comment

और पढ़ें

best news portal development company in india

Cricket Live Score

Corona Virus

Rashifal

और पढ़ें