महाराष्ट्र। अरविन्द श्रीवास्तव । दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन के बाद उनके बेटे मकरंद पाटेकर ने भावुक बयान दिया है। उन्होंने कहा कि नाना साहब जैसे लोग कभी वास्तव में दुनिया से विदा नहीं होते, बल्कि अपने कामों और विचारों के जरिए हमेशा अमर रहते हैं।

मकरंद पाटेकर के मुताबिक, उनके पिता का मानना था कि सभी लोगों को इंसानियत के नाते एक साथ आकर दुनिया को बेहतर बनाने के लिए काम करना चाहिए। इसी विचार के साथ उनकी संस्था ‘नाम फाउंडेशन’ जल संरक्षण के क्षेत्र में काम कर रही थी। इसके अलावा, कश्मीर में शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी बड़े स्तर पर पहल शुरू की गई थी।
पिता ने सभी को सौंपी थीं विशेष जिम्मेदारियां
मकरंद ने बताया कि नाना पाटेकर ने अपने निधन से पहले सभी लोगों को कुछ विशेष जिम्मेदारियां सौंपी थीं। उनका उद्देश्य समाजसेवा के कार्यों को आगे बढ़ाना और जरूरतमंदों तक मदद पहुंचाना था।

मुख्यमंत्री से हुई बातचीत, मराठवाड़ा के काम पर जोर
मकरंद पाटेकर ने बताया कि मराठवाड़ा में चल रहे कार्यों को लेकर उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री से भी बातचीत की। मुख्यमंत्री ने उन्हें बताया कि ‘नाम फाउंडेशन’ के माध्यम से चल रहे कार्य संस्था के सीईओ गणेश थोराट की निगरानी में आगे बढ़ रहे हैं।

मकरंद के अनुसार, मुख्यमंत्री ने कहा कि नाना साहब इस बार इन कार्यों को और तेज गति से आगे बढ़ाना चाहते थे। इसलिए उनके सपने को वास्तविकता में बदलने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा।
नाना पाटेकर की विरासत अब उनके अभिनय के साथ-साथ समाजसेवा के उन कार्यों में भी दिखाई देगी, जिनके जरिए उन्होंने जरूरतमंदों की मदद करने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास किया।

नाना पाटेकर के बेटे मकरंद पाटेकर ने कहा कि “नाना साहब अपने कामों के जरिए हमेशा अमर रहेंगे; उनका सपना था कि इंसानियत के नाते मिलकर दुनिया को बेहतर बनाया जाए, और हम उनके अधूरे सपनों को पूरा करेंगे।”
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