जापानी छात्रों से मिले मुख्यमंत्री, निवेश और युवाओं के कौशल विकास पर दिया जोर
लखनऊ। अरविन्द श्रीवास्तव । उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भारत और जापान के बीच बढ़ते संबंधों की एक खास तस्वीर देखने को मिली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जापान के यामानाशी प्रांत के गवर्नर कोतारो नागासाकी से मुलाकात की। इस दौरान भारतीय और जापानी छात्रों के साथ भी संवाद हुआ।

मुलाकात का माहौल उस समय और खास हो गया, जब जापानी बच्चों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ तस्वीरें खिंचवाईं। यह दृश्य दोनों देशों के बीच बढ़ते People-to-People Relations की झलक देता नजर आया।
जापानी प्रतिनिधिमंडल के साथ खास सेल्फी
5 KD पर हुई मुलाकात के दौरान जापानी प्रतिनिधिमंडल के सदस्य जेनजी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कंधे पर हाथ रखा। इस सहज और आत्मीय पल पर मुख्यमंत्री के चेहरे पर भी मुस्कान आ गई। इसके बाद दोनों के बीच सेल्फी का यह पल चर्चा में रहा।

युवाओं के कौशल विकास पर योगी का जोर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश का लक्ष्य युवाओं को ऐसी Skill, Precision और Work Culture से जोड़ना है, जिसकी मांग टोक्यो से लेकर दुनिया के बड़े Advanced Manufacturing Hubs तक है।

इसका उद्देश्य उत्तर प्रदेश के युवाओं को आधुनिक तकनीक, बेहतर कार्य संस्कृति और वैश्विक रोजगार के अवसरों के लिए तैयार करना है।
Invest UP में बनेगा Yamanashi Desk
भारत-जापान आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में Invest UP में Dedicated Yamanashi Desk स्थापित करने की बात कही गई है।

यह डेस्क यामानाशी सरकार, वहां के उद्योगों और निवेशकों के साथ लगातार समन्वय करेगा। इसका मकसद जापानी कंपनियों के लिए उत्तर प्रदेश में निवेश की प्रक्रिया को आसान, तेज और सुविधाजनक बनाना है।
पर्यटन और संस्कृति को भी मिलेगा बढ़ावा
भारत-जापान सहयोग का दायरा केवल निवेश और उद्योग तक सीमित नहीं रहेगा। जापान में आयोजित होने वाले Tourism Festival में उत्तर प्रदेश की सहभागिता के जरिए प्रदेश की संस्कृति, आध्यात्मिक विरासत और हॉस्पिटैलिटी को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने की योजना है।

विकास की नई साझेदारी की उम्मीद
लखनऊ में हुई यह मुलाकात भारत और जापान के बीच मजबूत होते रिश्तों की एक और कड़ी के रूप में देखी जा रही है। कौशल विकास, निवेश, उद्योग, पर्यटन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के जरिए उत्तर प्रदेश और जापान के बीच सहयोग को नई ऊंचाई देने की कोशिश है।
भारत-जापान के रिश्तों में दोस्ती के साथ अब निवेश, कौशल और विकास की साझेदारी भी तेजी से मजबूत होती दिखाई दे रही है।











