नसबंदी अभियान पर उठे सवाल, प्रदर्शनकारियों ने जांच और कार्रवाई की मांग की
खंडवा, मध्य प्रदेश। अरविन्द श्रीवास्तव ।
आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या को लेकर मध्य प्रदेश के खंडवा में एक ऐसा अनोखा प्रदर्शन देखने को मिला, जिसने जनसुनवाई में मौजूद अधिकारियों से लेकर स्थानीय लोगों तक सभी का ध्यान खींच लिया। एक युवक कुत्ते की पोशाक पहनकर कलेक्ट्रेट पहुंचा और प्रशासन के सामने आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर अपनी बात रखी।

कुत्ते की पोशाक में पहुंचा प्रदर्शनकारी
जनसुनवाई के दौरान युवक को कुत्ते की पोशाक में देखकर मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। लोगों ने इस अनोखे प्रदर्शन का वीडियो भी बनाया। हालांकि प्रदर्शन का उद्देश्य केवल लोगों का ध्यान आकर्षित करना नहीं था, बल्कि शहर में बढ़ती आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर प्रशासन तक गंभीर संदेश पहुंचाना था।

आवारा कुत्तों के आतंक से लोग परेशान
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि खंडवा शहर में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है। कुत्तों के हमलों को लेकर बच्चों, बुजुर्गों और राहगीरों की सुरक्षा पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों की मांग है कि प्रशासन इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाए।

नसबंदी अभियान पर भी सवाल
पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल आवारा कुत्तों की नसबंदी अभियान को लेकर उठाया गया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कुत्तों की संख्या नियंत्रित करने के लिए नसबंदी अभियान चलाया गया और इसके लिए प्रक्रिया भी अपनाई गई, लेकिन इसके बावजूद जमीन पर समस्या कम होती नजर नहीं आ रही है।

प्रदर्शनकारियों ने अभियान में खर्च हुए सरकारी धन और उसके परिणामों की जांच की मांग की है। उनका कहना है कि जिस एजेंसी को नसबंदी का काम सौंपा गया, उसके कार्य की भी जांच होनी चाहिए।
जांच और कार्रवाई की मांग
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मांग की है कि नसबंदी अभियान की निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि जांच में किसी तरह की अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
अब प्रशासन के सामने कई सवाल
इस अनोखे प्रदर्शन के बाद अब प्रशासन के सामने कई सवाल हैं—क्या खंडवा में आवारा कुत्तों की वास्तविक संख्या का आकलन किया जाएगा? क्या नसबंदी अभियान की समीक्षा होगी? और क्या लोगों को आवारा कुत्तों के आतंक से राहत दिलाने के लिए कोई ठोस और स्थायी योजना तैयार की जाएगी?

फिलहाल, कुत्ते की पोशाक पहनकर कलेक्ट्रेट पहुंचे युवक का यह प्रदर्शन चर्चा का विषय बना हुआ है और उसने एक गंभीर समस्या की ओर प्रशासन का ध्यान खींचा है।
अक्षर भारत की नजर में सवाल यही है—आवारा कुत्तों की समस्या का स्थायी समाधान आखिर कब होगा?











