October 28, 2026 4:43 am

IPS अफसर की मां का म*र्डर? जेवर गायब, गांव में पुलिस का डेरा!

बेटे के साथ फहराया तिरंगा, अगली सुबह मिली IPS अफसर की 91 वर्षीय मां का शवअंबेडकरनगर के पैतृक गांव में वारदात से हड़कंप, शरीर से जेवर गायब; हत्या और लूट का मुकदमा दर्ज, SOG और सर्विलांस टीम जांच में जुटी|

अंबेडकरनगर। स्वतंत्रता दिवस पर जिस घर में खुशियों और देशभक्ति का माहौल था, उसी घर में अगले दिन मातम पसर गया। लखनऊ पुलिस मुख्यालय में SP हेडक्वार्टर के पद पर तैनात IPS अधिकारी आशुतोष मिश्रा की 91 वर्षीय मां इंद्रावती का शव रविवार सुबह उनके पैतृक गांव रूढ़ा धमरूआ, मालीपुर स्थित घर में मिला। उनके शरीर से जेवर गायब पाए गए हैं। पुलिस ने मामले में हत्या और लूट की प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

15 अगस्त को बेटे के साथ पहुंची थीं गांव

इंद्रावती स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने बेटे आशुतोष मिश्रा के साथ गांव के गदाधर नाथ मर्यादा विद्यापीठ हाईस्कूल पहुंची थीं। यहां आयोजित ध्वजारोहण कार्यक्रम में उन्होंने बेटे के साथ हिस्सा लिया।

कार्यक्रम के बाद आशुतोष मिश्रा अपनी ड्यूटी के लिए लखनऊ लौट गए, जबकि उनकी मां गांव स्थित घर पर रुक गईं।

परिवार के लिए शायद यह अंदाजा भी नहीं था कि मां-बेटे की यह मुलाकात उनके जीवन की आखिरी यादों में बदल जाएगी।

रात 8:30 बजे बेटे से हुई आखिरी बातचीत

जानकारी के मुताबिक, शनिवार रात करीब साढ़े आठ बजे आशुतोष मिश्रा ने अपनी मां से फोन पर बात की थी। इसी दौरान घर में काम करने वाली प्यारी देवी भी खाना बनाकर वहां से चली गई थीं।

प्यारी देवी ने इंद्रावती को आखिरी बार जीवित देखा था।

इसके बाद रात में घर के भीतर क्या हुआ, यह अब पुलिस जांच का सबसे अहम सवाल बन गया है।

सुबह घर पहुंची नौकरानी तो सामने आया मामला

रविवार सुबह करीब आठ बजे प्यारी देवी जब घर पहुंचीं तो बाहर लगे लोहे के दरवाजे पर बाहर से सिटकनी लगी थी। अंदर जाकर आवाज लगाने के बावजूद कोई जवाब नहीं मिला।

घर के अंदर इंद्रावती बिस्तर पर पड़ी मिलीं। उनके मुंह से खून निकल रहा था।

प्यारी देवी ने शोर मचाकर आसपास के लोगों को घटना की जानकारी दी। देखते ही देखते गांव में बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए और पुलिस को सूचना दी गई।

शरीर से गायब मिले जेवर

पुलिस की शुरुआती जांच में इंद्रावती के पहने हुए जेवर गायब मिले। इसी आधार पर मामला लूट के बाद हत्या से जोड़कर देखा जा रहा है।

हालांकि घटनास्थल की कुछ परिस्थितियों ने जांचकर्ताओं के सामने नए सवाल भी खड़े किए हैं।

बताया गया है कि घर में रखा सामान बड़े पैमाने पर अस्त-व्यस्त नहीं मिला। इतना ही नहीं, दूसरे बिस्तर पर रखे करीब 3,700 रुपये भी सुरक्षित मिले।

ऐसे में पुलिस इस संभावना समेत सभी पहलुओं की जांच कर रही है कि वारदात का वास्तविक उद्देश्य क्या था।

पोस्टमार्टम में मौत की वजह स्पष्ट नहीं

इंद्रावती के शव का तीन डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम के बाद मौत की स्पष्ट वजह सामने नहीं आने पर विसरा सुरक्षित कर लिया गया है।

रिपोर्ट के दौरान उनके मुंह और हाथ पर चोट के निशान मिलने की बात भी सामने आई है। पुलिस अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मौत की परिस्थितियों को समझने में जुटी है।

गांव में पुलिस और SOG की टीमें तैनात

 

IPS अधिकारी की मां की मौत की सूचना मिलते ही पुलिस विभाग में भी हलचल मच गई। DIG सोमेन वर्मा, SP प्राची सिंह समेत वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया।

SOG और सर्विलांस टीमों को जांच में लगाया गया है। घटनास्थल को सुरक्षित कर आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है।

पुलिस के सामने एक चुनौती यह भी है कि घटनास्थल के आसपास CCTV कैमरों की उपलब्धता नहीं बताई गई है। ऐसे में तकनीकी साक्ष्यों के साथ स्थानीय स्तर पर पूछताछ और अन्य वैज्ञानिक जांच महत्वपूर्ण हो गई है।

पति के निधन के बाद बेटे के साथ रहती थीं इंद्रावती

इंद्रावती के पति रामकुमार मिश्रा अयोध्या के देवढ़ी इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य रह चुके थे। वर्ष 2024 में उनके निधन के बाद इंद्रावती अपने बेटे आशुतोष मिश्रा के साथ लखनऊ में रहने लगी थीं।

स्वतंत्रता दिवस के मौके पर वह अपने पैतृक गांव पहुंची थीं, लेकिन अगले ही दिन उनकी मौत की खबर ने पूरे गांव को स्तब्ध कर दिया।

हत्या के पीछे क्या था मकसद?

फिलहाल पुलिस इस मामले में किसी भी संभावना को खारिज नहीं कर रही है।

क्या वारदात का उद्देश्य सिर्फ जेवर लूटना था?
क्या आरोपी बुजुर्ग महिला को पहले से जानते थे?
घर का दरवाजा बाहर से बंद मिलने का क्या मतलब है?
और सबसे बड़ा सवाल—इंद्रावती की मौत की वास्तविक वजह क्या थी?

इन सवालों के जवाब पुलिस जांच और फोरेंसिक साक्ष्यों से सामने आने की उम्मीद है।

फिलहाल अंबेडकरनगर के रूढ़ा धमरूआ गांव में पुलिस की टीमें एक-एक सुराग जुटाने में लगी हैं। 15 अगस्त को बेटे के साथ तिरंगा फहराने वाली 91 वर्षीय इंद्रावती की अगले ही दिन हुई मौत ने पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है।

Axar Bharat इस मामले से जुड़ी जांच और पुलिस की अगली कार्रवाई पर लगातार नजर बनाए हुए है।

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