बिशप डोमिनिक कोक्कट मेमोरियल अवॉर्ड और स्तनपान जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन, मातृ-शिशु स्वास्थ्य पर हुई महत्वपूर्ण चर्चा
ओ पी श्रीवास्तव , गोरखपुर।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने और समाज में स्तनपान के महत्व का संदेश देने के उद्देश्य से फातिमा हॉस्पिटल, गोरखपुर में “बिशप डोमिनिक कोक्कट सी.एस.टी. मेमोरियल अवॉर्ड” एवं “स्तनपान जागरूकता संगोष्ठी-2026” का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन फातिमा हॉस्पिटल के संस्थापक बिशप डोमिनिक कोक्कट सी.एस.टी. की स्मृति में किया गया। इस अवसर पर चिकित्सा जगत से जुड़े विशेषज्ञों, स्वास्थ्यकर्मियों, नर्सिंग विद्यार्थियों और गणमान्य लोगों ने हिस्सा लिया।
प्रार्थना नृत्य से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत फातिमा कॉलेज ऑफ नर्सिंग की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत प्रार्थना नृत्य से हुई। इसके बाद फातिमा हॉस्पिटल के निदेशक फादर डॉ. संतोष सेबेस्टियन ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत किया।

उन्होंने अपने संबोधन में एनएफएचएस-6 के आंकड़ों का उल्लेख करते हुए उत्तर प्रदेश में छह माह से कम आयु के शिशुओं में विशेष स्तनपान की दर में कमी को चिंता का विषय बताया। उन्होंने कहा कि माताओं को सही और समय पर परामर्श, परिवार का सहयोग तथा अस्पताल स्तर पर प्रभावी स्तनपान सहायता उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है।
विशेषज्ञों ने बताए स्तनपान के वैज्ञानिक लाभ
संगोष्ठी में डॉ. नवीन पाण्डेय, एमबीबीएस, एमडी (पीडियाट्रिक्स) ने नवजात शिशुओं के लिए स्तनपान के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने स्तनपान के वैज्ञानिक लाभों के साथ-साथ इससे जुड़ी आवश्यक सावधानियों के बारे में भी प्रतिभागियों को जागरूक किया।
वहीं डॉ. सहाना पुन्नेशेट्टी, एमबीबीएस, एमएस, एमएच, ऑन्कोलॉजी ने महिलाओं के स्वास्थ्य, स्तन कैंसर जागरूकता और स्तनपान के दीर्घकालिक लाभों पर प्रकाश डाला।
विशेषज्ञों के संबोधन के बाद प्रश्नोत्तर और खुली परिचर्चा का आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़े सवाल पूछे और विशेषज्ञों से जानकारी प्राप्त की।
“स्तनपान स्वस्थ भविष्य की मजबूत नींव”
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गोरखपुर के उपमुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल कुमार सिंह ने स्तनपान को शिशु के स्वस्थ भविष्य की मजबूत नींव बताया।
उन्होंने कहा कि माताओं को स्तनपान के लिए प्रेरित करने में केवल स्वास्थ्यकर्मियों की ही नहीं, बल्कि परिवार और पूरे समाज की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने फातिमा हॉस्पिटल द्वारा आयोजित इस जन-जागरूकता कार्यक्रम की सराहना करते हुए ऐसे आयोजनों को मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण बताया।

उत्कृष्ट चिकित्सकों और विद्यार्थियों को मिला सम्मान
कार्यक्रम के दौरान “बिशप डोमिनिक कोक्कट सी.एस.टी. मेमोरियल अवॉर्ड” के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाले चिकित्सकों और जी.एन.एम. प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।
आयोजकों के मुताबिक, यह सम्मान बिशप डोमिनिक कोक्कट सी.एस.टी. के सेवा, समर्पण और मानवीय मूल्यों को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
कार्यक्रम के अंत में फातिमा कॉलेज ऑफ नर्सिंग की सुश्री श्वेता सिंह ने सभी अतिथियों, वक्ताओं और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
कुल मिलाकर, फातिमा हॉस्पिटल में आयोजित यह कार्यक्रम न केवल बिशप डोमिनिक कोक्कट सी.एस.टी. की सेवा भावना को स्मरण करने का अवसर बना, बल्कि माताओं और परिवारों को स्तनपान के महत्व के प्रति जागरूक करने की दिशा में भी एक सार्थक पहल साबित हुआ।











