“नेत्रदान एक महान सामाजिक एवं मानवीय कार्य है” — फादर डॉ. संतोष सेबास्टियन
चरगांवा, गोरखपुर। फातिमा अस्पताल परिसर, पादरी बाजार, गोरखपुर में गुरुवार, 3 सितंबर 2026 को 41वें राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़े एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह पखवाड़ा 25 अगस्त से 8 सितंबर 2026 तक मनाया जा रहा है।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आमजन को नेत्रदान के महत्व के प्रति जागरूक करना और नेत्रदान के माध्यम से दृष्टिबाधित जरूरतमंद लोगों के जीवन में रोशनी लाने के लिए समाज को प्रेरित करना था।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए फातिमा अस्पताल के निदेशक फादर डॉ. संतोष सेबास्टियन ने कहा कि नेत्रदान एक महान सामाजिक एवं मानवीय कार्य है। उन्होंने बताया कि मृत्यु के बाद दान किए गए नेत्रों के कॉर्निया का उपयोग उन जरूरतमंद मरीजों के उपचार में किया जा सकता है, जिनकी दृष्टि कॉर्निया की खराबी के कारण प्रभावित हुई है।
उन्होंने कहा कि फातिमा अस्पताल के पास कॉर्निया प्रत्यारोपण के लिए आवश्यक लाइसेंस उपलब्ध है और अस्पताल जरूरतमंद मरीजों को बेहतर नेत्र चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

नेत्रदान से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने की जरूरत
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता एवं नेत्र विशेषज्ञ डॉ. शौर्या वर्मा ने नेत्रदान से संबंधित विभिन्न भ्रांतियों और गलत धारणाओं को दूर करते हुए इसके महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि नेत्रदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना केवल किसी एक व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से आगे आकर नेत्रदान का संकल्प लेने तथा अपने परिवार और समाज के अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।
फातिमा नेत्र अस्पताल में उपलब्ध हैं आधुनिक नेत्र चिकित्सा सेवाएं
फातिमा नेत्र अस्पताल में मरीजों को व्यापक एवं आधुनिक नेत्र चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। अस्पताल में कंप्यूटरीकृत नेत्र जांच एवं उपचार, आंखों का अल्ट्रासाउंड एवं ओसीटी जांच, बच्चों की नेत्र चिकित्सा, नवजात शिशुओं की नेत्र जांच एवं आरओपी स्क्रीनिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
इसके अलावा अस्पताल में फेको मोतियाबिंद सर्जरी, ग्लूकोमा सर्जरी एवं उपचार, कॉर्निया प्रत्यारोपण, रेटिना एवं लेजर उपचार, भेंगापन एवं एक्स्ट्राऑक्युलर मांसपेशियों से संबंधित उपचार, कॉन्टैक्ट लेंस एवं कृत्रिम आंख की सुविधा तथा संपूर्ण नेत्र परीक्षण की सेवाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।
इन सेवाओं का संचालन एवं मरीजों की देखरेख अनुभवी नेत्र विशेषज्ञ डॉ. अंजुम जैन, डॉ. नीलिमा जैन और डॉ. शौर्या वर्मा की देखरेख में किया जाता है।
कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को यह संदेश दिया गया कि नेत्रदान का संकल्प किसी जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन में दृष्टि की नई उम्मीद पैदा कर सकता है। समाज में नेत्रदान को लेकर जागरूकता बढ़ाने और इससे जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने के लिए ऐसे कार्यक्रमों की महत्वपूर्ण भूमिका है।














