नई दिल्ली।अरविन्द श्रीवास्तव |राजधानी दिल्ली में शुक्रवार को छात्र आंदोलन और राजनीतिक विरोध-प्रदर्शनों को लेकर माहौल गरमाया रहा। एक ओर दिल्ली पुलिस मुख्यालय के सामने प्रदर्शन कर रही एक युवती को पुलिस ने हिरासत में लिया, वहीं दूसरी ओर संसद परिसर में विपक्षी सांसदों ने कथित “चंदा चोरी” के मुद्दे पर सांकेतिक प्रदर्शन कर केंद्र सरकार पर निशाना साधा।
दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर युवती हिरासत में
जानकारी के अनुसार, दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर एक युवती केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन कर रही थी। मौके पर मौजूद महिला पुलिसकर्मियों ने उसे हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिए जाने से पहले युवती ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण विरोध कर रहे छात्र-छात्राओं को लगातार निशाना बनाया जा रहा है और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने की भी अनुमति नहीं दी जा रही।
युवती का कहना था कि सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वालों पर पुलिस कार्रवाई की जा रही है, जबकि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध प्रत्येक नागरिक का अधिकार है।

सौरव दास ने उठाए सवाल
इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि युवाओं और छात्रों को निशाना बनाना बंद किया जाना चाहिए। उन्होंने हिरासत में ली गई युवती को तत्काल रिहा करने की मांग करते हुए कहा कि राजनीतिक मतभेदों से जुड़े मामलों में पुलिस का इस प्रकार इस्तेमाल उचित नहीं माना जा सकता।
नेहा बोरा का सरकार पर हमला
इसी मुद्दे पर संगठन की अध्यक्ष नेहा बोरा ने भी सरकार और पुलिस की कार्यप्रणाली की आलोचना की। उन्होंने सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में सरकार की विचारधारा और महिलाओं की स्वतंत्रता को लेकर तीखी टिप्पणी की। उनके बयान के बाद सोशल मीडिया पर राजनीतिक बहस तेज हो गई।

संसद परिसर में विपक्ष का सांकेतिक प्रदर्शन
उधर संसद परिसर में विपक्षी दलों ने कथित “चंदा चोरी” के मुद्दे को लेकर एक सांकेतिक राजनीतिक प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने प्रतीकात्मक रूप से दानदाता की भूमिका निभाई और दानपात्र में चंदा डाला। इसके बाद सांसद पप्पू यादव ने पुजारी की भूमिका निभाते हुए दानपात्र उठाकर भागने का सांकेतिक अभिनय किया।
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान वहां मौजूद विपक्षी सांसदों ने तालियां बजाईं और प्रदर्शन के माध्यम से सरकार पर राजनीतिक हमला बोला। संसद परिसर में हुए इस सांकेतिक प्रदर्शन के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से साझा की जा रही हैं।


राजनीतिक बयानबाजी तेज
दिल्ली पुलिस की कार्रवाई और संसद परिसर में हुए सांकेतिक प्रदर्शन के बाद सियासी माहौल और अधिक गरमा गया है। विपक्ष सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन का आरोप लगा रहा है, जबकि सरकार की ओर से इस पूरे घटनाक्रम पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।

आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर संसद के भीतर और बाहर राजनीतिक बयानबाजी तेज होने की संभावना जताई जा रही है।











