गोंडा/इंदौर। अरविन्द श्रीवास्तव । पतंजलि फूड्स लिमिटेड और पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह के बीच घी की गुणवत्ता को लेकर विवाद अब अदालत तक पहुंच गया है। पतंजलि फूड्स ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ ₹50 करोड़ की मानहानि का मुकदमा दायर किया है। कंपनी का दावा है कि उनके सार्वजनिक बयानों से उसकी प्रतिष्ठा और व्यावसायिक हितों को नुकसान पहुंचा।

2022 में शुरू हुआ था विवाद
इस विवाद की जड़ साल 2022 में है। बाराबंकी में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान बृजभूषण शरण सिंह ने पतंजलि के घी की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए उसे “नकली घी” बताया था। उन्होंने लोगों से घर में गाय या भैंस रखने और शुद्ध दूध-घी के इस्तेमाल की बात कही थी।

इसके बाद पतंजलि और बृजभूषण के बीच इस मुद्दे को लेकर समय-समय पर बयान सामने आते रहे। अगस्त 2026 में भी बृजभूषण ने पतंजलि के उत्पादों और बाजार में मिलावटी घी को लेकर सवाल उठाए।
अदालत पहुंचा मामला
पतंजलि फूड्स की ओर से दायर मानहानि मामले की मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। 15 सितंबर की सुनवाई में बृजभूषण की ओर से वकील ने जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा था और अगली सुनवाई 18 सितंबर निर्धारित की गई थी।

इस बीच बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि वह कानूनी कार्रवाई से डरने वाले नहीं हैं और यदि अदालत उन्हें जेल भेजती है तो वह जमानत नहीं लेंगे।
18 सितंबर को फिर साधा निशाना
18 सितंबर 2026 को गोंडा में बृजभूषण ने एक बार फिर पतंजलि और बाबा रामदेव पर निशाना साधा तथा पतंजलि के घी और उत्पादों को लेकर कई आरोप लगाए। ये बृजभूषण शरण सिंह के आरोप हैं, जिनका अंतिम सत्यापन या न्यायिक निष्कर्ष इस मामले में अभी सामने आना बाकी है।

फिलहाल मामला अदालत में है और आगे की कानूनी कार्रवाई पर सबकी नजर है।
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