विसनगर में बुजुर्ग को कथित तौर पर बातों में उलझाकर 9.5 लाख की चोरी, CCTV में संदिग्ध महिलाओं की हरकतें कैद; बाराबंकी में छप्पर वाले घर से जेवर-नकदी चोरी के बाद आग लगाने की कोशिश का आरोप
अक्षर भारत लाइव | क्राइम डेस्क
चोर कब, कहां और किस अंदाज में वारदात को अंजाम दे दें, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है। गुजरात के विसनगर से लेकर उत्तर प्रदेश के बाराबंकी तक सामने आई चोरी की दो घटनाओं ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
एक वारदात में ज्वेलरी शॉप पर पहुंची महिलाओं ने कथित तौर पर 85 वर्षीय बुजुर्ग को अपनी बातों में उलझाया और लाखों रुपये के सामान पर हाथ साफ कर दिया। वहीं दूसरी घटना में चोरों ने एक गरीब परिवार के छप्पर वाले घर को निशाना बनाया। आरोप है कि चोरी के बाद घर के छप्पर में आग लगाने की कोशिश भी की गई।
विसनगर में ‘प्रार्थना’ के बाद चोरी का खेल?

गुजरात के विसनगर में एक ज्वेलरी दुकान पर तीन महिलाओं द्वारा कथित तौर पर चोरी किए जाने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि महिलाओं ने दुकान में मौजूद 85 वर्षीय बुजुर्ग का ध्यान भटकाया।
इसी दौरान करीब 9.5 लाख रुपये की नकदी और सोने-चांदी के आभूषण चोरी हो गए।
सबसे ज्यादा चर्चा CCTV फुटेज को लेकर है। फुटेज में एक महिला बैग उठाने से पहले कथित तौर पर प्रार्थना करती नजर आती है। इसके बाद जिस तरह से वह दुकान से निकलती दिखाई देती है, उसने पूरे मामले को और रहस्यमय बना दिया है।
पुलिस अब CCTV फुटेज के आधार पर संदिग्ध महिलाओं की पहचान और पूरी वारदात की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।
बाराबंकी में गरीब परिवार का घर बना निशाना

अब रुख करते हैं उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले का।
लोनी कटरा थाना क्षेत्र के पैकौली गांव में एक गरीब परिवार के घर चोरी की घटना सामने आई है। पीड़िता प्रेमा के अनुसार, रात के समय चोर घर में घुसे और जेवरात तथा नकदी चोरी कर ले गए।
पीड़िता के मुताबिक चोरी हुए सामान में सोने के झुमके, पायल, पायजेब और करीब 50 हजार रुपये नकद शामिल हैं।
लेकिन चोरी के बाद जो आरोप सामने आया, उसने घटना को और गंभीर बना दिया।
पीड़िता का आरोप है कि चोर जाते-जाते छप्पर में आग लगाने की कोशिश भी कर गए। अगर आग पूरी तरह फैल जाती तो परिवार की जान और पूरा घर दोनों खतरे में पड़ सकते थे।
112 पर फोन… फिर पुलिस का इंतजार!

घटना के बाद परिवार ने 112 नंबर पर सूचना दी।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद लोनी कटरा थाने से कोई अधिकारी तत्काल मौके पर नहीं पहुंचा। 112 पुलिस की ओर से सूचना दर्ज कर संबंधित थाने को भेजने की बात कही गई, लेकिन परिवार पुलिस के आने का इंतजार करता रहा।
अब इस मामले में सबसे बड़ा सवाल पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया को लेकर उठ रहा है।
सवाल बड़ा है—आखिर मौके पर पुलिस क्यों नहीं पहुंची?
पीड़ित परिवार का कहना है कि घर में चोरी हो गई, सामान चला गया और ऊपर से आग लगाने की कोशिश भी की गई। ऐसे में पुलिस को सूचना मिलने के बाद तत्काल मौके पर पहुंचना कितना जरूरी था, इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।
स्थानीय लोगों के बीच यह चिंता भी है कि यदि क्षेत्र में लगातार चोरी की घटनाएं हो रही हैं और पुराने मामलों का खुलासा नहीं हुआ है, तो क्या इससे चोरों के हौसले बढ़ रहे हैं?
दो घटनाएं… दो तरीके… सवाल एक
गुजरात के विसनगर में कथित तौर पर बातचीत और ध्यान भटकाने का सहारा लेकर ज्वेलरी शॉप में चोरी।
बाराबंकी के पैकौली में गरीब परिवार के घर में घुसकर जेवर और नकदी चोरी करने का आरोप, और फिर छप्पर में आग लगाने की कोशिश।
दोनों घटनाएं अलग-अलग राज्यों की हैं और दोनों मामलों की पुलिस जांच अलग है। लेकिन दोनों घटनाएं एक सवाल जरूर छोड़ती हैं—
क्या चोरों का नेटवर्क पहले से ज्यादा बेखौफ हो रहा है?
फिलहाल विसनगर मामले में CCTV फुटेज जांच का अहम हिस्सा है, जबकि बाराबंकी की घटना में पीड़ित परिवार कार्रवाई और चोरी के सामान की बरामदगी की उम्मीद लगाए बैठा है।
अक्षर भारत लाइव इन दोनों मामलों में पुलिस की जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर नजर बनाए हुए है।
नोट: दोनों घटनाओं में सामने आए आरोपों और पीड़ित पक्ष के बयानों की पुष्टि संबंधित पुलिस जांच से होना बाकी है।











